छतीसगढ़ में माओवादियों के मंसूबों को कैसा ठेंगा दिखाया मतदाताओं ने देखिए चंद वीडियो

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इंडिया विस्तार, ब्यूरो। माओवादियों की धमकियां और लगातार हो रहे नक्सल हमलों ने वोटरों के आगे घुटने टेक दिेए। सुरक्षा बलों के अभूतपूर्व प्रबंधों ने मतदाताओं को घर से निकलने के लिेए प्रेरित किया। नक्स प्रभावित 8 जिलों में से लगभग हर मतदान पर वोटरों की अच्छी संख्या दिखी।

सुकमा जिले के कोंटा स्थित बांदा में एक मतदान केंद्र के पास आईईडी विस्फोटक का पता चला। इसके बाद वास्तविक मतदान केंद्र से दूर एक पेड़ के नीचे बनाए गए अस्थायी मतदान बूथ के बाहर मतदाताओं ने कतार लगा ली। मतदान केंद्र के पास तीन आईईडी का पता चला और सीआरपीएफ बम निरोधक दल ने उन्हें डिफ्यूज करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया। तब तक पेड़ के नीचे मतदान जारी रहा।

कोबरा बटालियन के दो जवान घायल
बीजापुर के पामेड़ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच 12 बजकर 20 मिनट से शुरू हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग होती रही। एनकाउंटर में दो कोबरा बटालियन के जवान घायल हो गए। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए 1 लाख जवानों को तैनात किया गया है।

चुनाव आयोग ने बताया कि 4336 में से 53 मतदान केंद्रों ने तकनीकी कारणों से मतदान के देर से शुरू होने की जानकारी दी, हालांकि 100% मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारों के साथ सुचारु मतदान चलता रहा है।

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