school syllabus में online safety को शामिल करना क्यों जरुरी है

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school syllabus में online safety पढ़ाना अब जरुरी होता जा रहा है। school syllabus में ऑनलाइन सुरक्षा का पाठ डिजिटल सुरक्षा की पहली पंक्ति में स्कूलोंं को ला खड़ा करेगा। इसका लाभ यह होगा कि school syllabus से ऑनलाइन सुरक्षा की बात हर घर तक पहुंचेगी। क्योंकि आज के समय में डिजिटल सुरक्षा की बात सबसे जरुरी होता जा रहा है।

क्यों है जरुरी school syllabus में ऑनलाइन सुरक्षा की बात

प्रसंग और प्रेरणा
मुंबई में आयोजित Cyber Shield 360 कार्यक्रम में अभिनेता अक्षय कुमार ने अपनी बेटी के साथ ऑनलाइन गेमिंग के दौरान हुई साइबर उत्पीड़न की घटना साझा की। उनका संदेश स्पष्ट और तात्कालिक था:
“साइबर अपराध अब सड़क अपराध से भी अधिक खतरनाक है। हमें अपने बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा सिखानी होगी—स्कूलों से शुरुआत करनी होगी।”
यह आह्वान महाराष्ट्र सरकार और पुलिस अधिकारियों द्वारा समर्थित है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर गूंज मिलनी चाहिए।
स्कूल पाठ्यक्रम में साइबर अपराध शिक्षा क्यों आवश्यक है
बच्चों के सामने आज की डिजिटल चुनौतियाँ
• गेम्स, चैट और सोशल मीडिया के ज़रिए अजनबियों तक बिना रोक-टोक पहुंच।
• सामान्य बातचीत से ब्लैकमेल तक पहुँचने वाली गुमराह करने वाली रणनीतियाँ।
• डिजिटल पहचान की चोरी, फर्जीवाड़ा और ब्लैकमेल के लिए डिजिटल फुटप्रिंट का दुरुपयोग।
• साइबरबुलिंग, डीपफेक अपमान और सामाजिक अलगाव से मानसिक स्वास्थ्य पर खतरा।
छात्रों को क्या सीखना चाहिए
• सावधानी के संकेत पहचानना: अनचाहे संदेश, फर्जी प्रोफाइल, फ़िशिंग लिंक।
• जिम्मेदारी से रिपोर्ट करना: माता-पिता, शिक्षकों और साइबर हेल्पलाइन से कैसे संपर्क करें।
• डिजिटल पहचान की सुरक्षा: मजबूत पासवर्ड, गोपनीयता सेटिंग्स और सुरक्षित साझा करना।
• कानूनी अधिकारों की समझ: साइबर अपराध क्या है और कानून कैसे सुरक्षा देता है।
पाठ्यक्रम में प्रस्तावित समावेशन (कक्षा 8–12)
घटक विवरण
साइबर पीरियड (साप्ताहिक) खतरों, उपकरणों और वास्तविक मामलों पर चर्चा के लिए समर्पित कक्षा।
इंटरएक्टिव मॉड्यूल्स रोल-प्ले, क्विज़ और फ़िशिंग, स्कैम व रिपोर्टिंग के सिमुलेशन।
पोस्टर अभियान गलियारों और कक्षाओं में दृश्यात्मक जागरूकता—छात्रों द्वारा डिज़ाइन।
असेम्बली स्पॉटलाइट्स साप्ताहिक साइबर सुरक्षा टिप्स और छात्र-नेतृत्व वाली प्रस्तुतियाँ।
अभिभावक-छात्र कार्यशालाएँ घर पर विश्वास और डिजिटल सतर्कता बढ़ाने के लिए संयुक्त सत्र।
साइबर योद्धा कॉमिक्स सहानुभूति और जागरूकता बढ़ाने वाली आयु-उपयुक्त कहानियाँ।
नीतिनिर्माताओं और शिक्षकों के लिए मुख्य संदेश
“यदि हम तब जागते हैं जब बच्चा पीड़ित बन चुका होता है, तो हम पहले ही असफल हो चुके हैं। साइबर अपराध शिक्षा कोई विकल्प नहीं—यह निवारक पुलिसिंग है।”
हर स्कूल को एक साइबर शील्ड बनाना चाहिए, जहाँ जागरूकता केवल पढ़ाई नहीं जाती, बल्कि जी जाती है।
कार्रवाई का आह्वान
• दिल्ली के स्कूलों को महाराष्ट्र की पहल का अनुसरण करना चाहिए—साइबर अपराध शिक्षा को तुरंत पाठ्यक्रम में शामिल करें।
• पुलिस आउटरीच इकाइयों को शिक्षकों के साथ मिलकर पाठ्यक्रम और अभियान तैयार करने चाहिए।

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