1857 की क्रांति में बलिया के मुड़ीकटवा गांव और वीर कुंवर सिंह की अनसुनी गाथा

बलिया
👁️ 730 Views

दिनेश कुमार पांडेय, बलिया

उत्तर प्रदेश के बलिया में 23 अप्रैल का दिन ‘जयोत्सव’ के रूप में मनाया जाता है, जब 1857 की क्रांति के नायक बाबू वीर कुंवर सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ अपनी वीरता और बलिदान की अमिट छाप छोड़ी। यह कहानी है उस महान योद्धा की, जिन्होंने गंगा माता को अपना कटा हुआ हाथ अर्पित कर स्वतंत्रता की ज्वाला को प्रज्वलित रखा।

1857 की क्रांति

1857 का वह दौर था, जब अंग्रेजों का अत्याचार चरम पर था। बिहार के जगदीशपुर के राजा वीर कुंवर सिंह के मन में स्वतंत्रता की चिंगारी भड़क रही थी। आरा, दुल्लौर, अतरौलिया, आजमगढ़ और सिवान के रास्ते अंग्रेजों से लोहा लेते हुए वे बलिया के कुशहर गांव के मुड़िकटवा मैदान पहुंचे। थकान से चूर, लेकिन हौसलाअटूट। उधर, अंग्रेज कप्तान डगलस की सेना उनका पीछा कर रही थी।

बलिया का मुड़ीकटवा गांव

कुशहर में विश्राम के दौरान पचरूखा देवी मंदिर के पास एक दिव्य ज्योति ने कुंवर सिंह को सुरक्षित आगे बढ़ने का संदेश दिया। दूसरी ओर, गांववासियों को अंग्रेजों के आने की भनक लग चुकी थी। सहतवार थाना क्षेत्र के कुशहर के ग्रामीणों ने अपने नायक की रक्षा का प्रण लिया। बांस के खप्चर, लाठी, भाला और फरसे लेकर वे अरहर के खेतों और खर-पतवार के झुरमुट में छिप गए।

स्वतंत्रता संग्राम की अनसुनी कहानी

जैसे ही डगलस की सेना मुजवावानी और पगडंडी के रास्ते आगे बढ़ी, ग्रामीणों ने घात लगाकर हमला बोला। एक-एक कर 106 अंग्रेज सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया गया। यह था बलिया के शौर्य का वह पल, जिसने इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में जगह बनाई। इसी बीच, कुंवर सिंह गंगा तट पर पहुंचे और नाव से जगदीशपुर के लिए रवाना हुए।

लेकिन तभी अंग्रेज सैनिक बेली ने उन पर गोली चला दी, जो उनकी बांह में लगी। गोली का जहर पूरे शरीर में न फैले, इसलिए वीर कुंवर सिंह ने तलवार से अपनी बांह काटकर गंगा माता को अर्पित कर दी। “हे गंगा माई, जब तोहरे इच्छा बा…” कहकर उन्होंने अपने बलिदान को अमर कर दिया। घायल अवस्था में वे जगदीशपुर पहुंचे, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण 23 अप्रैल को वीरगति को प्राप्त हुए।
मुड़िकटवा मैदान में जब कप्तान डगलस पहुंचा, तो अपने सैनिकों के शवों को देखकर स्तब्ध रह गया।

यह भी पढ़ेंः

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Digital Police Portal: अब घर बैठे दर्ज करें e-FIR, पाएं पुलिस वेरिफिकेशन और NOC | पूरी गाइड | दिल्ली में बड़े जासूसी रिंग का खुलासा, पाक के इशारे पर कैमरा लगाते थे | महादेव बेटिंग ऐप 2026 में फिर वापस-नया नाम पुराना जाल | सरकार का बड़ा स्किल फंड लॉन्चः अब ट्रेनिंग के बाद पक्की नौकरी? युवाओं के लिए क्या बदलेगा पूरा गेम | AI एजेंट्स का नया खतराःमिनटो में हो रहे साइबर हमले, क्या आपका डेटा सुरक्षित है? | नमो भारत ट्रेन की सुरक्षा में तैनात हुई CISF: जानें क्या हैं नए सुरक्षा नियम | कंबोडिया का नया एंटी-स्कैम कानून2026ःभारत के लिए बड़ी राहत या अस्थाई जीत ? | दिल्ली क्राइम ब्रांच ने वांटेड बदमाश लेफ्टी को देहरादून से दबोचा, टैक्सी चला रहा था हत्यारोपी | लव ट्रैप क्रिप्टो फ्राड: WhatsApp/Telegram पर ‘प्यार’ में ठगे जा रहे हैं लोग—जानें Pig Butchering Scam का पूरा सच(2026) | Dwarka Court में वकील का फोन अचानक गायब, कुछ घंटों बाद जो हुआ वो चौंकाने वाला है |
13-04-2026