motivational speech in hindi: बिहार के सहरसा स्थित गायत्री शक्तिपीठ में आयोजित व्यक्तित्व परिष्कार सत्र को संबोधित करते डॉक्टर श्री अरुण कुमार जायसवाल जी ने कहा कि-मनुष्य ज्ञान और कर्म के माध्यम से अमृत अर्थात् मोक्ष को प्राप्त कर लेता है। व्यक्तित्व परिष्कार सत्र को सम्बोधित करते हुए डॉ श्री अरुण कुमार जायसवाल जी ने ज्ञान,प्रेम एवं विद्या के बारे बताया‐भगवान आस्तिक, नास्तिक -सभी पर बराबर कृपा करते हैं।
motivational speech in hindi: ईश्वर विश्वासी है
अरुण जायसवाल जी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि जो ईश्वर विश्वासी है केवल उसी पर कृपा करते हैं। प्रश्न यह कि ईश्वर की करुणा को धारण कौन कर रहा है ? दैवी आचारण कौन कर रहा है? जो भगवान की ओर उन्मुख होता है, जागरूक होता है, जाग्रत होता है, उनसे जुड़ता है। ईश्वर की कृपा व्यक्ति विशेष के लिए नहीं। है।
उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा समस्त सृष्टि के लिए है ,जो जितना उत्साही, जागृत, सतपात्र है वह प्रभु कृपा का उतना अधिकारी होता है ।प्रार्थना क्या है? करुणा का आवाहन है। प्रार्थना मे जब हम भावनाओ की गहराई से, मानसिक एकाग्रता से, विश्वास भाव से पुकारते हैं तो हम अपने कांससनेस के शिखर पर होते है। उन्होंने कहा: मानव जब शुभ कर्म करता है तो अपने ज्ञान के द्वारा।

इस अवसर पर प्रजेश कुमार सिंह , पटना हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार l शशांक कुमार सिविल जज,खगड़िया एवं रामपुकार जी, APO सहरसा उपस्थित थे l इस से पूर्व 31 मई को मोटिवेशनल सेमिनार का आयोजन हुआ ।
इस अवसर पर श्री मनीष कुमार जी ने कहा कि युवाओं को अपने अंदर की अंधकार दूर करके अंदर की ज्योति जलानी होगी, इसलिए गायत्री मंत्र और ध्यान करना होगा l इससे बुद्धि पवित्र होगी l
उन्होंने ने कहा कि मानव जब शुभ कर्म करता है तो अपने ज्ञान क द्वारा । इस अवसर पर प्रजेश कु० सिंह ये हाईकोर्ट में रजिस्टार विजिलेंस, शशांक कुमार, सिविल जज खगड़िया, रामपुकार APO उपस्थित थे।
आगामी कार्यक्रम – 5 जून को गायत्री जयंती का आयोजन होने जा रहा है, जिसकी शुरुआत सुबह 7 बजे से होनी है l जिसमें समस्त सहरसा वासी सादर आमंत्रित हैं l
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