दिल्ली पुलिस बाहरी ज़िला ने सुल्तानपुर माजरा स्थित राजकीय सर्वोदय सह-शिक्षा विद्यालय में “सजग नागरिक, सुरक्षित भारत” पहल के अंतर्गत एक इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को साइबर सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा, यातायात अनुशासन, नशामुक्ति और अपराध रोकथाम के बारे में शिक्षित करना था।
दिल्ली पुलिस की पहल
यह आयोजन डीसीपी श्री सचिन शर्मा, आईपीएस के नेतृत्व और एडिशनल डीसीपी-I श्री नर्रा चैतन्य, आईपीएस के पर्यवेक्षण में हुआ।
इस अवसर पर श्री गौश आलम, आईपीएस, पुलिस आयुक्त (करीमनगर, तेलंगाना) ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रेरक व्याख्यान दिया और युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी और ईमानदारी अपनाने के लिए प्रेरित किया।
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जागरूकता और प्रेरणा का संगम
1. साइबर सुरक्षा और डिजिटल जिम्मेदारी
छात्रों को बताया गया कि डिजिटल युग में खुद को सुरक्षित रखने के लिए साइबर स्वच्छता, डेटा गोपनीयता और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग कितना महत्वपूर्ण है।
संदेश था — “सोच-समझकर क्लिक करें, साइबर अपराध से बचें।”
2. नशामुक्त जीवन और अपराध रोकथाम
अधिकारियों ने नशे के दुष्प्रभावों और अपराध से दूरी बनाए रखने के महत्व पर चर्चा की।
छात्रों को स्वस्थ जीवन और अनुशासन का पालन करने की प्रेरणा दी गई।
3. अतिथि वक्ता श्री गौश आलम, आईपीएस का संबोधन
उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संदेश दिया गया कि युवा ही “सजग नागरिक” बनकर समाज को सुरक्षित बना सकते हैं।
4. सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
छात्रों ने नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत कर सामाजिक एकता और देशभक्ति का संदेश दिया।
5. डीसीपी श्री सचिन शर्मा का प्रेरक संवाद
उन्होंने कहा, “जागरूक युवा ही समाज की सबसे मज़बूत दीवार हैं।”
उन्होंने छात्रों को अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी को जीवन का आधार बनाने की सलाह दी।
6. रचनात्मक प्रस्तुति
तीन छात्रों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सुंदर रेखाचित्र बनाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। उनके कार्य की सराहना की गई और उन्हें सम्मानित किया गया। विद्यालय प्रशासन ने दिल्ली पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में जागरूकता की नई ऊर्जा भरते हैं।
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