दिल्ली में सीएए के विरोध प्रदर्शन में आईएसआईएस का हाथ ! देखें वीडियो

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। सीएए-एनआरसी के विरोध में दिल्ली में चल रहे प्रदर्शनों के पीछे आफगानिस्तान मॉड्यूल का आईएस आतंकी कनेक्शन सामने आया है। दिल्ली की स्पेशल सेल ने रविवार को जामिया नगर से जम्मू कश्मीर की दंपती को पकड़ा है। इनकी पहचान दाउद इब्राहिम उर्फ जायब उर्फ अबू अबदुल्ला और उसकी पत्नी हिना बशीर बेग के रूप में हुई है। पकड़े गए दंपती के पास से भड़काऊ किताबें व काफी आपत्तिजनक समग्रियां बरामद हुई हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक लैप टॉप, एक हार्ड डिस्क और अन्य चीजें बरामद की हैं।

यह दोनों आरोपी काफी वक्त से इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस आंतकी संगठन के संपर्क में थे। दोनों आरोपी शाहीन बाग व जामिया में युवाओं को सीएए-एनआरसी के विरोध में बरगालने का काम कर रहे थे। साथ ही एक धर्म विशेष के युवाओं को आतंकी वारदातों के लिए उकसा रहे थे।

आरोपियों पर आतंकी घटना की साजिश रचने का भी आरोप है। स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह आरोपी आईएस आतंकियों के लगातार संपर्क में थे। दोनों आरोपी को स्पेशल सेल गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। दंपति से पूछताछ के बाद कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है।

अफगानिस्तान के खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट खोरासन प्रोविंस संगठन के संपर्क में कश्मीरी दंपती का नाम सामने आया है। स्पेशल सेल ने जामिया नगर इलाके से जम्मू-कश्मीर के रहने वाले जहनेज (पति) और हिना (पत्नी) को पकड़ा है। दोनों के ऊपर आरोप है कि यह लोग शाहीन बाग व जामिया के प्रदर्शन में तीन महीने से सक्रिय थे। सीएए-एनआरसी के विरोध को जिंदा रखने के लिए दोनों आरोपी प्रदर्शनकारियों के अंदर जिहाद की बातें करते थे। अपने इस काम को अंजाम देने के लिए आरोपी लगातार अफागानिस्तान के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के संपर्क में थे। स्पेशल सेल इनकी गतिविधियों पर एक महीने से नजर बनाए हुए थी।

यह लोग कश्मीर से पिछले साल अगस्त में दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में यह लोग खास इलाकों में जाकर लोगों को बरगलाने का काम कर रहे थे। आरोपी दंपती के ऊपर युवाओं को आईएस संगठन में भर्ती का जिम्मा सौंपा गया था।

युवाओं को अपने संगठन में भर्ती कर किसी बड़ी आतंकी घटना की साजिश रचने का आरोप है। स्पेशन सेल के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की कॉल डिटेल से लेकर उन्हें दिल्ली में पनाह देने वालों की भी तलाश की जा रही है।सीएए-एनआरसी के विरोध को जिंदा रखने के लिए दोनों आरोपी प्रदर्शनकारियों के अंदर जिहाद की बातें करते थे। अपने इस काम को अंजाम देने के लिए आरोपी लगातार अफागानिस्तान के आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के संपर्क में थे। स्पेशल सेल इनकी गतिविधियों पर एक महीने से नजर बनाए हुए थी।

यह लोग कश्मीर से पिछले साल अगस्त में दिल्ली पहुंचे थे। दिल्ली में यह लोग खास इलाकों में जाकर लोगों को बरगलाने का काम कर रहे थे। आरोपी दंपती के ऊपर युवाओं को आईएस संगठन में भर्ती का जिम्मा सौंपा गया था।

युवाओं को अपने संगठन में भर्ती कर किसी बड़ी आतंकी घटना की साजिश रचने का आरोप है। स्पेशन सेल के अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की कॉल डिटेल से लेकर उन्हें दिल्ली में पनाह देने वालों की भी तलाश की जा रही है।

सोशल मीडिया पर फर्जी खाते

पूछताछ में पता लगा है कि इस जोड़े ने फेस बुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फर्जी आईडी से खाते खोल रखे थे।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि दंपति अफगानिस्तान के खोरासन प्रांत में रहने वाले आईएस आतंकियों व आतंकी बने भारतीयों के संपर्क थे। ये सोशल मीडिया के जरिए बात करते थे। ये व्हाट्सएप कॉल भी करते थे। आरोपी काफी समय से आईएस आतंकियों के संपर्क में थे। स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि ये जम्मूकश्मीर से दिल्ली में क्यों आए थे।

भारत सरकार के खिलाफ भड़काने की साजिश

स्पेशल सेल की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों को सीएए के खिलाफ भड़काते थे। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरसोपी दंपति प्रदर्शनकारियों को भारत सरकार के खिलाफ भड़काते थे।

देखें वीडियो

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | ‘राम की शक्ति पूजा’ से प्रेरित पुस्तक ने युवाओं को दिया नया संदेश | 8वां वेतन आयोग 2026: फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, नई सैलरी क्या होगी और DA का क्या होगा—जानिए सब कुछ | Fake APK App Scam: Android यूजर्स के लिए नया खतरा, जानिए कैसे बचें | Malware Alert: नकली Software Update से फोन हैक, Delhi Police केस से सीखें बचाव के पक्के तरीके | संगति का प्रभाव और सनातन धर्म की व्यापकता | AI का युग: भारतीय विद्यार्थियों और युवाओं के लिए वे उपकरण जो 2026 में सबसे ज़्यादा काम आ रहे हैं | पासवर्ड नहीं, पासफ़्रेज़ अपनाइए — मजबूत साइबर सुरक्षा की नई आदत | सीमाहीन साइबर अपराध का बढ़ता जाल: Operation Ramz से समझें फ़िशिंग और मैलवेयर का असली खतरा | नोएडा एयरपोर्ट Flight Schedule June 2026: पहली उड़ान, रूट्स और जेवर कैसे पहुंचें—पूरी जानकारी | साइबर गुलामी से लौटे युवक फिर उसी अंधेरे में क्यों खो गए? |
25-05-2026