मनी लांड्रिंग हमारे देश और समाज का नासूर बन चुका है। साइबर वित्तीय अपराध पर रोक लगाने के लिए mule account hunter (MuleHunter.AI) साफ्टवेयर विकसित किया गया है। यह सॉफ्टवेयर क्या है और कैसे काम करेगा इस पोस्ट में जानते हैं।
क्या है Mule Account Hunter
Mule Account Hunter सेफ्टी सॉफ़्टवेयर है जिसे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के इनोवेशन https://rbihub.in/projects/mulehunter हब द्वारा विकसित किया गया है। इसका मकसद म्यूल अकाउंट्स (वे बैंक खाते जो धोखाधड़ी से प्राप्त धन को छिपाने और आगे भेजने के लिए उपयोग किए जाते हैं) की पहचान और रोकथाम है।
यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित रीयल-टाइम निगरानी प्रणाली है। जिसे सभी बैंकों, सहकारी बैंकों, एनबीएफसी और फिनटेक प्लेटफ़ॉर्म पर लागू करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यह कैसे काम करता है
MuleHunter.AI उन्नत AI और मशीन लर्निंग मॉडल्स का उपयोग करके संदिग्ध खातों और लेन-देन की पहचान करता है। यह असामान्य लेन-देन पैटर्न को ट्रैक करता है (जैसे अचानक बड़ी राशि का आना और तुरंत कई खातों में भेजना)। यही नहीं यह ग्राहक प्रोफ़ाइल से मेल न खाने वाली गतिविधियों को फ़्लैग करता है।
इसके अलावा अलग-अलग बैंकों में जुड़े खातों को जोड़कर “म्यूल अकाउंट चेन” की पहचान करता है।
उन खातों को पकड़ता है जिनका उपयोग धन को कई स्तरों पर घुमाने (layering) के लिए किया जाता है।
यह सॉफ्टवेयर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साथ जुड़ा हुआ है। साथ ही पीड़ितों द्वारा 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने के बाद खातों को तेजी से फ्रीज़ करने में मदद करता है।
जैसे-जैसे नए धोखाधड़ी के डेटा जुड़ते हैं, AI मॉडल और अधिक सटीक होते जाते हैं। यह बदलते धोखाधड़ी के तरीकों के अनुसार सिस्टम खुद को अनुकूलित करता है।
क्या होगा प्रभाव
795 संस्थान (बैंक, फिनटेक, एनबीएफसी, ई-कॉमर्स) पहले से I4C से जुड़े हैं। MuleHunter इस नेटवर्क को और मज़बूत करता है। लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक सभी बैंक, विशेषकर सहकारी बैंक, इस प्रणाली से जुड़ जाएँ।
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चुनौतियां भी कम नहीं
वैसे तो इस सेफ्टी सॉफ्टवेयर के कई फायदे हैं मगर कभी-कभी वैध खातों को भी संदिग्ध माना जा सकता है। छोटे सहकारी बैंकों को तकनीकी प्रशिक्षण और संसाधन की कमी हो सकती है।अपराधी क्रिप्टो वॉलेट या विदेशी खातों का उपयोग कर सकते हैं। ग्राहक अधिकारों और गोपनीयता का संतुलन बनाए रखना ज़रूरी है।
📌 निष्कर्ष
Mule Account Hunter केवल एक तकनीकी उपकरण नहीं है, बल्कि यह भारत की साइबर अपराध से लड़ाई में रणनीतिक बदलाव का प्रतीक है। यह सीधे उन खातों को निशाना बनाता है जिनसे अपराधी धन को घुमाते हैं। यदि इसे सार्वभौमिक रूप से अपनाया गया और लगातार अपडेट किया गया, तो यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को कहीं अधिक सुरक्षित बना देगा।
मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक
• म्यूल अकाउंट्स ही धोखाधड़ी से कमाए गए धन को वैध दिखाने का आधार होते हैं। इन्हें पकड़कर और बंद करके अपराधियों का नेटवर्क कमजोर हो जाएगा।
• धन को छिपाने और वैध बनाने की प्रक्रिया (layering और integration) कठिन हो जाएगी।
पीड़ितों को धन वापसी
• तेज़ पहचान और खातों को तुरंत फ्रीज़ करने से पीड़ितों को धन वापस मिलने की संभावना बढ़ेगी।
• पहले ही ₹8,189 करोड़ फ्रीज़ किए जा चुके हैं, जो ₹20,000 करोड़ के नुकसान का हिस्सा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का आयाम
• भारत में 2024 में 181 अरब UPI लेन-देन ₹233 ट्रिलियन मूल्य के हुए। ऐसे में साइबर धोखाधड़ी केवल आर्थिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है।
• MuleHunter डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ को सुरक्षित बनाता है।










