रोजमर्रा की जिंदगी मेें आजकल सबसे बड़ी बात तो यही है कि कहीं फ्रॉड के शिकार ना हे जाएं। इसलिए आपको यह जानना जरूरी है कि फ्रॉड से बचने के लिए सबसे सुरक्षित उपाय क्या है। जानिए कि SMS से दूरी बनाने की बात हम क्यों कह रहे हैं और किन दो चीजों को अपनाने की अपील कर रहे हैं।
फ्रॉड का हर वार हो जाएगा बेकार
यकीन किजिए जिन हजारों लोगों ने अपना 2 मिनट का समय देकर इन दो चीजोंं को अपनाया है वह कभी साइबर फ्रॉड के चक्कर में फंसे ही नहीं। 2 मिनट आपको घंटों की परेशानी से बचाएँगे और आपकी डिजिटल ज़िंदगी को सुगम बनाएँगे। SMS से हटकर Authenticator या Passkey अपनाइए — खुद को साइबर धोखाधड़ी से पूरी तरह सुरक्षित बनाइए।
SMS से दूरी क्यों है जरूरी
SMS कोड दूरसंचार नेटवर्क से होकर गुजरते हैं, जिन्हें बीच में रोका जा सकता है। SIM‑swap धोखाधड़ी, फ़िशिंग और मैलवेयर SMS को बेहद असुरक्षित बनाते हैं। हैकर SMS डिलीवरी में देरी और रीडायरेक्शन का फायदा उठाते हैं।
Authenticator ऐप्स क्यों अपनाएं
भरोसेमंद ऐप्स जैसे Google Authenticator, Microsoft Authenticator, या Authy इंस्टॉल करें। ये आपके डिवाइस पर TOTP (Time‑based One‑Time Passwords) लोकली जनरेट करते हैं। कोड हर 30 सेकंड में बदलते हैं, ऑफलाइन भी काम करते हैं और कभी असुरक्षित नेटवर्क से होकर नहीं गुजरते।अपने बैंकिंग, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स को इन ऐप्स से लिंक करें और तुरंत सुरक्षा पाएँ।
ऐसे करें इंस्टॉल
एंड्रॉइड पर Google Play Store या iPhone पर App Store से ऐप डाउनलोड करें। ऐप खोलें → Add Account (+) चुनें → वेबसाइट/ऐप की Security Settings → Two‑Factor Authentication में जाकर QR Code स्कैन करें।
ऐप द्वारा जनरेट 6‑digit कोड डालकर सेटअप पूरा करें। फ़ोन को PIN, फिंगरप्रिंट या फेस लॉक से सुरक्षित रखें और ऐप अपडेट करते रहें।
पासकी (Passkey) अपनाएँ — पासवर्ड रहित सुरक्षा
- पासकी एक डिजिटल क्रेडेंशियल है जो आपके फ़ोन या कंप्यूटर में सुरक्षित रहता है।
- लॉगिन करते समय आपका डिवाइस प्राइवेट की से एक चैलेंज साइन करता है।
- सर्वर इसे पब्लिक की से वेरिफाई करता है — न पासवर्ड, न SMS, न इंटरसेप्शन।
- हैकर आपका यूज़रनेम जान भी लें तो वे बायोमेट्रिक या डिवाइस‑लेवल सुरक्षा को पार नहीं कर सकते।
पासकी सेटअप - चरण 1: अकाउंट की Security / Sign‑in Settings खोलें।
- चरण 2: Add Passkey या Create Passkey चुनें।
- चरण 3: डिवाइस आपसे PIN, फिंगरप्रिंट या फेस ID से पुष्टि करेगा।
- चरण 4: अगली बार लॉगिन पर पासकी अपने‑आप काम करेगी।
उपकरण सुरक्षित रखें - फ़ोन को PIN, फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन से सुरक्षित करें।
- डिवाइस एन्क्रिप्शन सक्षम करें और सॉफ़्टवेयर अपडेट रखें।
- याद रखें: पासकी उतनी ही सुरक्षित है जितना सुरक्षित आपका डिवाइस है।
सांस्कृतिक बदलाव लाएँ - महत्वपूर्ण खातों के लिए SMS पर निर्भर रहना बंद करें।
- सहकर्मियों, परिवार और नागरिकों को Authenticator ऐप्स या Passkeys अपनाने के लिए प्रेरित करें।
- संस्थानों को SOPs और जागरूकता अभियानों को इस बदलाव के अनुरूप अपडेट करना चाहिए।
मुख्य संदेश
SMS पुराना हो चुका है। Authenticator ऐप्स और Passkeys ही भविष्य हैं। SMS से दूर उठाया गया हर कदम आपको साइबर धोखाधड़ी से पूरी तरह सुरक्षित बनाता है। किसी भी तरह का साइबर फ्रॉड होने पर दूरभाष नंबर 1930 और वेबसाइट https://www.cybercrime.gov.in/ याद रखें।








