साइबर खतरों से कैसे बचा रही हैं ये 2 डिजिटल सुरक्षा पहलें? ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किया खुलासा

FRI और AI-आधारित ASTR Analytics जैसी डिजिटल सुरक्षा पहलें साइबर और टेलीकॉम धोखाधड़ी से निपटने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया FRI और ASTR Analytics के जरिए भारत की डिजिटल सुरक्षा पहल
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दूरसंचार विभाग (DoT) ने भारत के डिजिटल इकोसिस्टम की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जोखिम-आधारित अभूतपूर्व हस्तक्षेप लागू किए हैं। Financial Fraud Risk Indicator (FRI) और AI-आधारित ASTR Analytics साइबर और टेलीकॉम धोखाधड़ी को रोकने के प्रभावी टूल बनकर उभरे हैं। इन पहलों से न सिर्फ फ्रॉड की पहचान पहले चरण में हो पा रही है, बल्कि नागरिकों का डिजिटल लेन-देन पर भरोसा भी लगातार मजबूत हो रहा है।

डिजिटल सुरक्षा पहल FRI और ASTR की उपलब्धियां

डिजिटल सुरक्षा पहल के रूप में लांच के बाद इनकी मदद से छह माह के भीतर ही 1400 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी रोकी गई। इन्हें मई 2025 में लॉंच किया गया था। FRI मोबाइल नंबरों का रियल टाइम जोखिम स्कोरिंग प्रदान करता है।

इससे बैंक, UPI प्लेटफ़ॉर्म और भुगतान ऑपरेटर संदिग्ध लेन-देन को तुरंत रोक सकते हैं या नागरिकों को चेतावनी जारी कर सकते हैं। 1,200+ संस्थान (बैंक, UPI खिलाड़ी, भुगतान ऑपरेटर, टेलीकॉम ऑपरेटर, 36 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश पुलिस बल और केंद्रीय एजेंसियाँ) DoT के Digital Intelligence Platform (DIP) से जुड़े हैं।

ASTR एनालिटिक्स का प्रभाव

  • AI-आधारित पुनः सत्यापन के बाद 88 लाख+ संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए।
  • अंतरराष्ट्रीय स्पूफ कॉल्स में ~99% की कमी।
  • नागरिकों ने Sanchar Saathi https://www.sancharsaathi.gov.in/ के माध्यम से 8 लाख धोखाधड़ी संचार रिपोर्ट किए, जिसके परिणामस्वरूप ~39.50 लाख कनेक्शन डिस्कनेक्ट और 2.27 लाख हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए।

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद को बताया

“Financial Fraud Risk Indicator और AI-आधारित एनालिटिक्स जैसे जोखिम-आधारित हस्तक्षेपों ने संस्थानों को रियल-टाइ में कार्रवाई करने में सक्षम बनाया है, जिससे ₹1,400 करोड़ से अधिक की संभावित वित्तीय धोखाधड़ी रोकी जा सकी। Digital Intelligence Platform के साथ इन उपायों ने भारत के दूरसंचार इकोसिस्टम को मजबूत किया है और नागरिकों का डिजिटल लेन-देन पर विश्वास बहाल किया है।”

व्यापक प्रभाव

    • नागरिक सशक्तिकरण: भुगतान से पहले चेतावनी और अलर्ट जागरूकता बढ़ाते हैं और धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाते हैं।
    • संस्थागत मजबूती: बैंक और UPI प्लेटफ़ॉर्म अब सक्रिय धोखाधड़ी-निवारण तंत्र से लैस हैं।
    • टेलीकॉम सुरक्षा: स्पूफ कॉल्स और धोखाधड़ी कनेक्शनों में भारी कमी से राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत हुई।
    • वैश्विक मानक: भारत का दृष्टिकोण टेलीकॉम धोखाधड़ी रोकथाम के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित करता है।
      FRI और ASTR की सफलता यह दर्शाती है कि भारत ने साइबर और टेलीकॉम धोखाधड़ी रोकथाम के लिए AI-आधारित, जोखिम-आधारित हस्तक्षेपों को लागू करने में नेतृत्व किया है। माननीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की दूरदर्शिता से इन पहलों ने न केवल हजारों नागरिकों को वित्तीय नुकसान से बचाया है, बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में विश्वास भी मजबूत किया है।

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    14-02-2026