क्या आप क्रिप्टो में निवेश की सोच रहे हैं। आपको लगता है कि क्रिप्टो निवेश से मोटा फायदा हो सकता है। निवेश की तरफ कदम बढ़ाने से पहले कुछ जरुरी बातें जान लीजिए। भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने एक बयान में बतलाया है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मान्यता देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में निवेशकों को सतर्कता बरतनी चाहिए क्योंकि क्रिप्टो निवेश अनियमित और जोखिमपूर्ण क्षेत्र है।
क्रिप्टो निवेश पर रिजर्व बैंक गवर्नर ने क्या कहा
RBI गवर्नर श्री संजय मल्होत्रा ने हालिया साक्षात्कार में कहा:
• “क्रिप्टो को मान्यता देने का प्रस्ताव नहीं है।”
इसका अर्थ है कि भारत सरकार या RBI फिलहाल क्रिप्टोकरेंसी को वैध मुद्रा या विनियमित संपत्ति के रूप में स्वीकार नहीं कर रही है।
• RBI क्रिप्टो पर “सतर्कता बनाए हुए है”, यानी इसे लेकर जोखिमों को गंभीरता से देख रहा है, खासकर:
o मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग की आशंका
o उपभोक्ता संरक्षण की कमी
o विनियमहीनता के कारण निवेशकों को धोखाधड़ी का खतरा
• भारत की नीति दूसरे देशों की नकल नहीं करेगी, यानी अमेरिका या यूरोप में क्रिप्टो को अपनाने का मतलब यह नहीं कि भारत भी ऐसा करेगा।
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अपना लीजिए ये सुरक्षा उपाय
यदि कोई व्यक्ति क्रिप्टो में निवेश करना चाहता है, तो RBI की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित सुरक्षा उपाय अपनाने चाहिए।
CBDC और क्रिप्टो में अंतर समझें
• RBI की डिजिटल करेंसी (CBDC) सरकारी मान्यता प्राप्त है, जबकि क्रिप्टो निजी और अनियमित।
जब तक भारत सरकार और RBI क्रिप्टो को वैध नहीं मानते, तब तक इसमें निवेश पूरी तरह निवेशक के जोखिम पर है। इससे स्पष्ट है कि क्रिप्टो को लेकर कोई नीति बदलाव नहीं हो रहा है। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और सीमित निवेश ही समझदारी है।
विनियमित एक्सचेंज का चयन करें
• केवल उन प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेड करें जो KYC प्रक्रिया अपनाते हैं और भारत में परिचालन के लिए पंजीकृत हैं।
सिर्फ उतना निवेश करें जितना खोने का जोखिम उठा सकते हैं
• क्रिप्टो को सट्टा निवेश की तरह देखें, न कि सुरक्षित संपत्ति की तरह।
लालच से बचें
• “100X रिटर्न” जैसे वादों से सावधान रहें। ऐसे स्कैम्स आम हैं।
वॉलेट सुरक्षा सुनिश्चित करें
• अपने क्रिप्टो को सुरक्षित वॉलेट में रखें। एक्सचेंज पर छोड़ना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
टैक्स और कानूनी पहलुओं को समझें
• भारत में क्रिप्टो पर टैक्स लागू है (30% तक)। टैक्स चोरी से बचें।
सोशल मीडिया सलाह से सावधान रहें
• यूट्यूब या टेलीग्राम चैनलों पर दी गई सलाह बिना जांच के न मानें।
- CBDC और क्रिप्टो में अंतर समझें
• RBI की डिजिटल करेंसी (CBDC) सरकारी मान्यता प्राप्त है, जबकि क्रिप्टो निजी और अनियमित।
जब तक भारत सरकार और RBI क्रिप्टो को वैध नहीं मानते, तब तक इसमें निवेश पूरी तरह निवेशक के जोखिम पर है। इससे स्पष्ट है कि क्रिप्टो को लेकर कोई नीति बदलाव नहीं हो रहा है। ऐसे में जागरूकता, सतर्कता और सीमित निवेश ही समझदारी है।
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