वाराणसी में स्थित विश्व प्रसिद्ध संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में खास म्यूजियम बनेगा। विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक मुख्य भवन को म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा। 16 संस्कार, 64 कलाओं, 18 विद्या स्थान को थ्री डी म्यूजियम के माध्यम से दिखाने व समझाने की कोशिश की जाएगी। इसमें जन्म से मृत्यु तक के सभी सोलह संस्कारों की अलग-अलग गैलरी विकसित की जाएगी। इसके अलावा आडियो वीडियो के माध्यम से वैदिक वांग्मय का क्रमिक विकास भी दर्शाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुलपति प्रो. विहारी लाल शर्मा से प्रस्ताव मांगा है।
वाराणसी में योगी ने किया निरीक्षण दिए ये निर्देश
सीएम ने रविवार को विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। योगी आदित्यनाथ मे मुख्य भवन में लग रहे दीमक को देख इसका तत्काल उपाय कराने और वहां शास्त्रार्थ का निर्देश दिया। कुलपति ने ऋषि तुल्य आचार्यों के शोध एवं भारतीय नक्षत्र विद्या, भारतीय खगोल विद्या के दर्शन के लिए मुख्य भवन में श्री डी म्यूजियम बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने इसकी सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी और विस्तृत प्रस्ताव देने को कहा।
सीएम ने सरस्वती भवन पुस्तकालय में पांडुलिपियों को देखा। स्वर्णाक्षरयुक्त रास पंचाध्यायी (सचित्र), एक हजार साल पुरानी हस्तलिखित श्रीमद्भागवत व 1828 में देवनागरी लिपि में रचित दुर्गा सप्तशती (सचित्र) का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने के अभियान की सराहना करते हुए इसे जारी रखने को विजिटर रजिस्टर पर विचार साझा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री अचानक परिसर में छात्रावास पहुंच गए। छात्रावास के बालकोनी में बेतरतीब बाइक व कपड़े देखकर उन्होंने स्टैंड बनाने का निर्देश दिया। पंचदेव मंदिर में छात्रावास का जा रहा पानी रोकने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में सभी संकायों के साइनेज बोर्ड को संस्कृत भाषा में बनवाने का सुझाव दिया। अभी ये बोर्ड हिंदी और संस्कृत दोनो भाषाओं में हैं।
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